Bilhaur news:नमामि गंगे परियोजना के तहत गंगा घाटों की सफाई को लेकर किए जा रहे दावे धरातल पर पूरी तरह फेल साबित हो रहे हैं। बिल्हौर ब्लॉक क्षेत्र के नानामाऊ घाट, अकबरपुर सेंग घाट, आकिन घाट एवं सरैया घाट पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है। छठ पर्व की शुरुआत हो चुकी है और आगामी त्योहारों कार्तिक मास जैसे त्योहारों पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु मा गंगा में आस्था की डुबकी लगाते है ।, लेकिन घाटों का यह दृश्य देखकर उनकी आस्था पर सीधा चोट करता है ।
नानामाऊ घाट की हालत बद से बदतर
नानामाऊ घाट की सफाई कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। गंगा तट पर प्लास्टिक, पॉलीथिन, टूटी मूर्तियाँ और बोतलें फैली हुई हैं, जिससे घाट की सुंदरता पूरी तरह बिगड़ गई है। स्थानीय निवासी विनय उपाध्याय, पवन उपाध्याय, अनुरुद्ध उपाध्याय और अन्य लोगों ने बताया कि सफाई कर्मचारी कभी-कभी केवल फोटो खिंचवाने आते हैं और फिर लौट जाते हैं। नतीजन त्योहारों के समय आपस ने मिलकर स्थानीय लोग घाटों की साफ –सफाई करते है।

अकबरपुर सेंग, आकिन और सरैया घाटों पर भी वही हाल
बिल्हौर ब्लॉक के अन्य घाटों — अकबरपुर सेंग घाट, आकिन घाट और सरैया घाट — की स्थिति भी ननमाऊ घाट से अलग नहीं है। चारों घाटों पर गंदगी, कचरे का ढेर लगा है। प्लास्टिक और मूर्तियों के अवशेष तट पर जमा हो गए हैं।
घाटों पर बने शौचालय और पेय जल की व्यवस्था बंद पड़ी हैं और जिनका उपयोग हो भी रहा है, वे गंदगी से भरे पड़े हैं। श्रद्धालुओं को न स्नान के लिए स्वच्छ जल मिल पा रहा है, न पूजा के लिए साफ जगह।

छठ पर्व की शुरुआत, श्रद्धालु परेशान
छठ पूजा की शुरुआत हो चुकी है त्योहारों पर पर हजारों की संख्या में श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाते है श्रद्धालुओं का कहना है कि गंदगी और दुर्गंध के कारण पूजा-अर्चना करना बेहद कठिन हो गया है। श्रद्धालु प्रशासन से अपील कर रहे हैं कि छठ महापर्व के मुख्य दिन तक घाटों की तुरंत सफाई कराई जाए।
बजट आता है, पर उपयोग नहीं दिखता
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि नमामि गंगे योजना के तहत घाटों की सफाई के नाम पर लाखों रुपये का बजट हर साल जारी होता है, लेकिन इसका कोई उपयोग धरातल पर दिखाई नहीं देता।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर यही स्थिति रही तो आने वाले पर्वों पर श्रद्धालुओं को और अधिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
ग्रामीणों की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और नमामि गंगे विभाग से मांग की है कि सभी घाटों की तुरंत सफाई कराई जाए, शौचालयों को चालू किया जाए और घाटों पर स्थायी सफाई व्यवस्था की जाए। उनका कहना है कि प्रधानमंत्री की गंगा स्वच्छता मुहिम का सपना तभी साकार होगा जब अधिकारी और कर्मचारी गंभीरता से अपने दायित्वों का निर्वहन करेंगे।
नानामऊ ग्राम प्रधान गुलाब सिंह ने भी बताया कि नमामि गंगे योजना के कर्मचारी केवल औपचारिकता निभाते हैं, जबकि सफाई कार्य धरातल पर नहीं दिखता।
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Government should take action against appointed employees of Namami gange at Nanamau